weather update भारत के मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहे हैं, और अब पूर्वी तथा मध्य क्षेत्रों में नमी भरी हवाओं के कारण बारिश की संभावना बढ़ गई है। स्काईमेट वेदर की नवीनतम भविष्यवाणी के मुताबिक, एक सक्रिय मौसमी सिस्टम के प्रभाव से 23 और 24 फरवरी को कई राज्यों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। यह स्थिति बंगाल की खाड़ी से आने वाली गर्म और नम हवाओं तथा उत्तर-पश्चिमी सूखी हवाओं के संगम से उत्पन्न हो रही है। अगर आप बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ या तेलंगाना में रहते हैं, तो इस दौरान सतर्क रहें, क्योंकि मौसम में अचानक परिवर्तन फसलों और दैनिक जीवन को प्रभावित कर सकता है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि किन इलाकों में क्या असर पड़ेगा और उत्तर-पश्चिम भारत का मौसम कैसा रहेगा।
पूर्वी और मध्य भारत में बढ़ती बारिश की गतिविधियां weather update
स्काईमेट की रिपोर्ट बताती है कि हाल ही में एक पश्चिमी विक्षोभ गुजरने के बाद उत्तर भारत में मौसम शांत हो गया है, लेकिन अब फोकस पूर्वी हिस्सों पर है। 22 फरवरी से शुरू होकर 24 फरवरी तक बिहार, झारखंड और ओडिशा में मेघ गर्जना के साथ छिटपुट बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में भी इसी期间 मध्यम वर्षा की उम्मीद है, जो किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है, लेकिन ओलावृष्टि की आशंका से सावधानी बरतनी चाहिए। ये मौसमी बदलाव मुख्य रूप से बंगाल की खाड़ी से उठने वाली नमी के कारण हैं, जो मध्य भारत तक पहुंचकर वर्षा का कारण बन रही हैं। अगर आप इन राज्यों में यात्रा कर रहे हैं, तो मौसम ऐप्स से अपडेट चेक करना न भूलें।
उत्तर और पश्चिम भारत में सूखा मौसम और बढ़ता तापमान
दूसरी ओर, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात जैसे क्षेत्रों में सर्दी अब अलविदा कह रही है। यहां आसमान साफ रहेगा और तेज धूप से दिन का तापमान तेजी से ऊपर जाएगा। हालांकि, 22 फरवरी को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्रों को प्रभावित कर सकता है, लेकिन इसका असर मैदानी इलाकों तक नहीं पहुंचेगा। उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलते सुबह और शाम हल्की ठंडक महसूस होगी, लेकिन दोपहर में गर्मी का एहसास होने लगेगा। राजस्थान और गुजरात में बढ़ते पारे से फसलों को अब कोई बड़ा खतरा नहीं है, जो किसानों के लिए राहत की बात है। कुल मिलाकर, इन इलाकों में मौसम शुष्क और स्थिर रहेगा, जो दैनिक गतिविधियों के लिए अनुकूल है।
किसानों और आम लोगों के लिए सलाह
इस मौसमी बदलाव के दौरान किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए, खासकर जहां ओलावृष्टि की संभावना है। बारिश से सिंचाई में मदद मिल सकती है, लेकिन अत्यधिक वर्षा से बचाव के उपाय अपनाएं। आम नागरिकों के लिए, यात्रा के दौरान छाता या रेनकोट साथ रखें और सड़कों पर फिसलन से सतर्क रहें। स्काईमेट और आईएमडी जैसी एजेंसियों की रिपोर्ट्स नियमित रूप से फॉलो करें, ताकि आप मौसम के किसी भी अपडेट से वाकिफ रहें।
मौसम की सतर्कता से रहें सुरक्षित
22-24 फरवरी का यह मौसम अलर्ट पूर्वी और मध्य भारत के लिए महत्वपूर्ण है, जहां बारिश जीवन को तरोताजा कर सकती है लेकिन चुनौतियां भी ला सकती है। उत्तर-पश्चिम में गर्मी की शुरुआत हो रही है, जो वसंत के आगमन का संकेत है। अगर आप मौसम से जुड़ी ताजा खबरें जानना चाहते हैं, तो हमारी वेबसाइट पर नियमित विजिट करें। सुरक्षित रहें और मौसम का आनंद लें!