pm kisan new ragistation नमस्कार पाठकों! पीएम किसान सम्मान निधि योजना भारत के करोड़ों किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा बनी हुई है। लेकिन कई किसान तकनीकी दिक्कतों या पुराने नियमों की वजह से इस योजना के फायदों से वंचित रह जाते हैं। हाल ही में महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र में इस मुद्दे पर गर्मागर्म चर्चा हुई, जहां वंचित और नए किसानों को योजना में शामिल करने की मांग जोर पकड़ रही है। इस लेख में हम आपको योजना की ताजा अपडेट, विधानसभा में उठे सवाल और केंद्र सरकार से की जा रही अपील के बारे में विस्तार से बताएंगे। अगर आप भी इस योजना से जुड़े हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।
विधानसभा में उठा महत्वपूर्ण सवाल pm kisan new ragistation
महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विधायक समाधान आवताड़े ने पीएम किसान योजना को लेकर एक अहम सवाल खड़ा किया। उन्होंने मुख्य रूप से इस बात पर जोर दिया कि 2019 के बाद जो किसान मृतक के वारिस के रूप में रजिस्टर्ड हुए हैं या जिनकी जमीनों में नए बंटवारे (फेरफार) हुए हैं, ऐसे सभी नए किसानों को योजना में शामिल किया जाए। यह मांग उन लाखों किसानों की आवाज बनकर उभरी है, जो पुरानी कट-ऑफ डेट की वजह से बाहर रह गए हैं।
कृषि मंत्री का जवाब और केंद्र से अपील
इस सवाल पर राज्य के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने सदन में विस्तृत स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना की मौजूदा गाइडलाइंस में कट-ऑफ पीरियड समाप्त हो चुका है। इसी पृष्ठभूमि में महाराष्ट्र सरकार ने अन्य राज्यों के साथ मिलकर केंद्र सरकार से विशेष अनुरोध किया है। इस अनुरोध में मांग की गई है कि योजना में नई गाइडलाइंस लाकर 2019 के बाद जमीन फेरफार वाले किसानों को भी लाभ दिया जाए। मंत्री ने आश्वासन दिया कि राज्य स्तर पर इस दिशा में लगातार प्रयास जारी हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान इस योजना का हिस्सा बन सकें।
पुरानी गाइडलाइंस और 5 साल की शर्त
पीएम किसान योजना की ऑपरेशनल गाइडलाइंस, जो 29 मार्च 2020 को लागू हुई थीं, में लाभार्थियों की पात्रता तय करने के लिए 1 फरवरी 2019 को कट-ऑफ डेट माना गया था। यानी, इस तारीख से पहले जिन किसानों के नाम पर खेती की जमीन थी, वही योजना के लिए योग्य माने जाते थे। इन गाइडलाइंस में यह शर्त भी थी कि ये नियम अगले पांच साल तक प्रभावी रहेंगे। अब चूंकि यह पांच साल की अवधि पूरी होने वाली है, इसलिए गाइडलाइंस में बदलाव या पूरी तरह नई नीति लाना जरूरी हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे योजना का दायरा बढ़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
वारिस किसानों के लिए ई-केवाईसी की आखिरी तारीख
वीडियो में एक और महत्वपूर्ण अपडेट सामने आई है। जो किसान मृतक के वारिस के तौर पर योजना में नए शामिल हुए हैं, उन्हें अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके लिए 28 फरवरी 2026 को अंतिम तिथि तय की गई है। अगर इस तारीख तक केवाईसी नहीं की गई, तो अगला हफ्ता मिलने में दिक्कत आ सकती है। किसानों को सलाह है कि वे नजदीकी सीएससी सेंटर या ऑनलाइन पोर्टल के जरिए जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी करें। इससे न केवल लाभ सुनिश्चित होगा, बल्कि योजना की पारदर्शिता भी बनी रहेगी।
ई-केवाईसी कैसे करें? सरल स्टेप्स
- ऑनलाइन तरीका: पीएम किसान पोर्टल पर लॉगिन करें, आधार नंबर दर्ज करें और ओटीपी वेरिफाई करें।
- ऑफलाइन विकल्प: नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर जाकर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करवाएं।
- जरूरी दस्तावेज: आधार कार्ड, बैंक पासबुक और जमीन के रिकॉर्ड।
याद रखें, ई-केवाईसी मुफ्त है और किसी भी तरह का शुल्क न दें।
योजना में नए बदलाव की उम्मीद
कुल मिलाकर, पीएम किसान सम्मान निधि योजना में नए किसानों, खासकर 2019 के बाद फेरफार वाले लाभार्थियों को शामिल करने के लिए राज्य सरकार केंद्र से लगातार फॉलो-अप कर रही है। पुरानी गाइडलाइंस की मियाद खत्म होने के साथ ही केंद्र से नई घोषणा की उम्मीद बढ़ गई है। इससे न केवल लाखों किसान परिवारों को राहत मिलेगी, बल्कि कृषि क्षेत्र में आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। किसानों को सलाह है कि वे आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर नियमित अपडेट चेक करते रहें।
निष्कर्ष: किसानों के लिए नई उम्मीद
पीएम किसान योजना किसानों की आय दोगुनी करने के सपने को साकार करने में अहम भूमिका निभा रही है। विधानसभा में उठी इस चर्चा से साफ है कि सरकार किसानों की दिक्कतों को गंभीरता से ले रही है। अगर नई गाइडलाइंस आती हैं, तो यह योजना और ज्यादा समावेशी बनेगी। क्या आप भी इस योजना से जुड़े हैं? अपनी राय कमेंट में जरूर शेयर करें। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें और किसी भी निवेश या योजना से जुड़े फैसले से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें।
