Goat & Sheep Farming क्या आप २०२६ में अपना खुद का व्यवसाय शुरू करके अच्छी कमाई करने का विचार कर रहे हैं? अगर हाँ, तो ‘बकरी और भेड़ पालन’ (Goat & Sheep Farming) आपके लिए एक बेहद मुनाफे का और शानदार विकल्प साबित हो सकता है। भारत सरकार और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी ने हाल ही में पेश किए गए बजट में पशुपालन क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी है।
किसानों और ग्रामीण युवाओं की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से, सरकार इस व्यवसाय पर भारी सब्सिडी और आसान लोन की सुविधा दे रही है। आइए जानते हैं कि इस योजना का लाभ उठाकर आप कैसे एक सफल उद्यमी बन सकते हैं।
क्या है राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) योजना?
सरकार द्वारा चलाई जा रही इस बेहतरीन योजना का नाम ‘राष्ट्रीय पशुधन मिशन’ (National Livestock Mission – NLM) है। इस योजना के मुख्य फायदे इस प्रकार हैं:
- लोन की सुविधा: आप अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए १ लाख से लेकर १ करोड़ रुपये तक का बैंक लोन प्राप्त कर सकते हैं।
- बंपर सब्सिडी: इस लोन पर सरकार की ओर से ५०% या अधिकतम ५० लाख रुपये तक की सब्सिडी (अनुदान) दी जाती है।
- आसान उदाहरण: मान लीजिए आपने बैंक से ५० लाख रुपये का लोन लिया, तो आपको अपनी जेब से सिर्फ २५ लाख रुपये ही बैंक को लौटाने होंगे। बाकी के २५ लाख रुपये सरकार सीधे आपके बैंक खाते में सब्सिडी के रूप में जमा करेगी!
प्रोजेक्ट की शुरुआत कैसे करें?
जरूरी नहीं कि आप बहुत बड़े स्तर से ही शुरुआत करें। आप एक छोटे और मानक पैमाने से भी इस व्यवसाय में कदम रख सकते हैं:
- यूनिट का आकार: आप कम से कम १०० मादा और ५ नर (कुल १०५ जनावरे) बकरियों या भेड़ों की यूनिट से शुरुआत कर सकते हैं।
- अनुमानित खर्च: १०५ जनावरों के इस प्रोजेक्ट पर लगभग २० लाख रुपये का खर्च आता है।
- आपका निवेश: इसमें आपको अपनी जेब से केवल १०% मार्जिन मनी (यानी २० लाख के प्रोजेक्ट के लिए सिर्फ २ लाख रुपये) लगानी होती है। बाकी रकम बैंक लोन के रूप में मिलती है जिस पर सरकार सब्सिडी देती है।
योजना के लिए आवश्यक पात्रता (Eligibility)
इस योजना का लाभ लेना बहुत आसान है क्योंकि सरकार ने इसके लिए कोई सख्त नियम नहीं रखे हैं:
- शैक्षणिक योग्यता: आवेदक का बहुत पढ़ा-लिखा होना जरूरी नहीं है। कम पढ़े-लिखे या अशिक्षित लोग (महिला हो या पुरुष) भी इसके लिए पूरी तरह पात्र हैं।
- जमीन की आवश्यकता: १०५ बकरियों की यूनिट लगाने के लिए आपके पास कम से कम दो बीघा (आधा हेक्टेयर) जमीन होनी चाहिए। अगर आपकी अपनी जमीन नहीं है, तो आप कम से कम ७ साल के ‘रजिस्टर्ड लीज’ (Registered Lease) पर जमीन लेकर भी काम शुरू कर सकते हैं।
- क्रेडिट स्कोअर (CIBIL): आपका सिबिल स्कोर ६७५ से अधिक होना चाहिए और आप किसी भी बैंक के डिफाल्टर नहीं होने चाहिए।
जरूरी कागजात (Documents Required)
लोन और सब्सिडी प्राप्त करने के लिए आपको निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:
१. प्रोजेक्ट रिपोर्ट (Project Report): यह सबसे अहम दस्तावेज है। इसमें जनावरों की खरीद, चारा, दवाइयां, शेड का खर्च और अनुमानित मुनाफे का पूरा हिसाब-किताब होता है। (इसे किसी CA से बनवाना सबसे अच्छा रहता है)।
२. केवायसी (KYC) डाक्यूमेंट्स: आधार कार्ड और पैन कार्ड (ध्यान रहे कि आपका मोबाइल नंबर आधार से लिंक हो)।
३. ट्रेनिंग सर्टिफिकेट: पशुपालन विभाग या किसी कृषि विज्ञान केंद्र से ५ से ७ दिन का ‘बकरी पालन प्रशिक्षण प्रमाणपत्र’ होना अनिवार्य है।
४. बँक पासबुक: आपका खाता किसी राष्ट्रीयकृत (Nationalized) बैंक में होना चाहिए।
५. जमीन के कागजात: अपनी जमीन है तो खतौनी/रजिस्ट्री के पेपर, और अगर किराए पर है तो ७ साल का ‘रजिस्टर्ड लीज एग्रीमेंट’।
आवेदन कैसे करें और सब्सिडी कैसे मिलेगी? (Step-by-Step)
१. ऑनलाइन अप्लाई: सबसे पहले आपको ‘नॅशनल लाईव्हस्टॉक मिशन’ (NLM) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
२. दस्तावेज अपलोड: अपने मोबाइल नंबर से वेरीफाई करने के बाद सभी जरूरी कागजात पोर्टल पर अपलोड करें।
३. वेरिफिकेशन प्रोसेस: आपका आवेदन जिला पशुपालन अधिकारी के पास जाएगा। वहां से जांच के बाद इसे राज्य और फिर केंद्र सरकार की कमेटी के पास भेजा जाता है।
४. सब्सिडी की पहली किस्त: जैसे ही आपका प्रोजेक्ट पास होता है, सब्सिडी का पहला हिस्सा (५०% रकम) सीधे आपके बैंक खाते में भेज दिया जाता है। खाते में सब्सिडी आ जाने से बैंक आपको लोन देने से मना नहीं कर सकता।
५. बची हुई रकम: जब आप प्रोजेक्ट का आधा काम (जैसे शेड बनाना, जानवर खरीदना) पूरा कर लेते हैं और उसका बिल जमा करते हैं, तब बची हुई सब्सिडी और लोन की रकम जारी कर दी जाती है।
निष्कर्ष: आज के समय में बकरी और भेड़ पालन एक तेजी से उभरता हुआ और मुनाफेदार व्यवसाय है। यदि आपके पास पैसों की कमी है, तो सरकारी सब्सिडी और आसान बैंक लोन का लाभ उठाकर आप २०२६ में एक सफल और आत्मनिर्भर उद्यमी बन सकते हैं।
क्या आप जानना चाहते हैं कि अपने जिले में ५ दिनों की बकरी पालन ट्रेनिंग के लिए आवेदन कैसे करें?