forcast alert मौसम अपडेट 2026: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पूरे देश में मौसम की स्थिति को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी कर दी है। बंगाल की खाड़ी में जन्म ले चुके चक्रवात ‘मोंथा’ (Montha) और उत्तर भारत में सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के संयुक्त प्रभाव से अगले 24 से 72 घंटों में 21 राज्यों का मौसम पूरी तरह से पलट सकता है।
इस दोहरे असर से भारी वर्षा, ठंडी हवाओं और ओलावृष्टि की तीव्र संभावना है। तापमान में तेज गिरावट आने से दैनिक जीवन और कृषि क्षेत्र पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। किसान भाइयों को विशेष सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि यह बेमौसम की घटना फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकती है।
मौसम के इस अप्रत्याशित परिवर्तन का प्रभाव विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग रूप से दिखाई देगा:
- उत्तर भारत: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में बर्फबारी और ठंडी हवाओं का प्रकोप बढ़ेगा।
- पूर्वी और दक्षिणी भारत: पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक में चक्रवात के कारण तेज बारिश और तूफानी हवाएं चल सकती हैं।
- मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और राजस्थान में ओलावृष्टि और गरज-चमक के साथ वर्षा की आशंका।
- पश्चिमी भारत: गुजरात और गोवा में भी मौसम बिगड़ सकता है।
इस मौसम की मार से रबी फसलों जैसे गेहूं, सरसों और चने पर खतरा मंडरा रहा है। कटाई के समय पर पहुंच चुकी फसलों को ओलों से बचाना चुनौतीपूर्ण होगा।
कृषि विशेषज्ञों की सलाह:
- फसलों को तिरपाल या अन्य सुरक्षात्मक सामग्री से ढकें।
- सिंचाई व्यवस्था की जांच करें और जल निकासी सुनिश्चित करें।
- मौसम पूर्वानुमान ऐप्स का उपयोग करें और स्थानीय कृषि विभाग से संपर्क बनाए रखें।
- यदि संभव हो, फसल बीमा का लाभ उठाएं ताकि नुकसान की भरपाई हो सके।
‘मोंथा’ चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ का यह संयोजन अगले तीन दिनों तक जारी रह सकता है। आम नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव:
- घर से बाहर निकलते समय मौसम की जानकारी लें और आवश्यक सावधानियां बरतें।
- ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
- यात्रा करने से पहले सड़क और रेल यातायात की स्थिति जांचें।
- आपातकालीन किट तैयार रखें, जिसमें दवाइयां, पानी और टॉर्च शामिल हों।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी IMD के मौजूदा पूर्वानुमानों और उपलब्ध डेटा पर आधारित है। मौसम में बदलाव तेजी से हो सकता है, इसलिए सटीक अपडेट के लिए IMD की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का सहारा लें। स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें।
समापन: यह मौसमी बदलाव प्रकृति की अनिश्चितता का उदाहरण है। सतर्कता और तैयारी से हम इन चुनौतियों का सामना कर सकते हैं और नुकसान को न्यूनतम रख सकते हैं। मौसम अपडेट के लिए जुड़े रहें!