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EPFO Pension Update 2026 : कर्मचारियों को मिलेगी उच्च पेंशन, जानें कौन होंगे लाभार्थी और नई नियम

EPFO Pension Update 2026 निजी क्षेत्र में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों के लिए साल 2026 की शुरुआत में एक महत्वपूर्ण खबर आई है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) में कुछ पुराने प्रावधानों को बहाल किया है, जिससे चुनिंदा कर्मचारियों को उनकी वास्तविक सैलरी पर आधारित उच्च पेंशन का लाभ मिल सकेगा। यह बदलाव मुख्य रूप से उन लोगों के लिए राहत लेकर आया है जो 2014 से पहले उच्च योगदान का विकल्प चुन चुके थे। आइए विस्तार से समझते हैं कि यह अपडेट क्या है, किसे फायदा होगा और कैसे आप इसका लाभ उठा सकते हैं।

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ईपीएफओ की उच्च पेंशन योजना में क्या बदलाव हुआ है?

ईपीएफओ ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि कर्मचारी पेंशन योजना के तहत योगदान को कर्मचारी की पूरी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते (डीए) से जोड़ा जा सकता है। यह प्रावधान 2014 में बंद कर दिया गया था, जब पेंशन योग्य सैलरी की सीमा 15,000 रुपये प्रति माह तय की गई थी। अब इस पुरानी व्यवस्था को बहाल करने से पेंशन की गणना में सुधार होगा, और योग्य कर्मचारियों को अधिक मासिक पेंशन मिल सकेगी।

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हालांकि, यह बदलाव सभी कर्मचारियों पर लागू नहीं होता। यह केवल उन लोगों के लिए है जिन्होंने 1 सितंबर 2014 से पहले उच्च पेंशन का विकल्प चुना था। सरकारी और निजी क्षेत्र के कर्मचारी, खासकर सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) में काम करने वाले, इस विकल्प का पहले अधिक उपयोग करते थे। इससे कुछ मामलों में पेंशन आखिरी सैलरी के आधे के करीब पहुंच सकती है।

कौन-कौन होंगे इस अपडेट के लाभार्थी?

यह नई व्यवस्था का लाभ मुख्य रूप से निम्नलिखित श्रेणियों के कर्मचारियों को मिलेगा:

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  • 2014 से पहले उच्च पेंशन चुनने वाले: अगर आपने 2014 के संशोधन से पहले ईपीएस में उच्च योगदान का चुनाव किया था, तो आप इस बहाली से लाभान्वित होंगे।
  • पीएसयू और सरकारी कर्मचारी: अधिकतर लाभ पीएसयू कर्मचारियों को मिलेगा, क्योंकि वे पहले इस विकल्प का फायदा उठाते थे।
  • लंबे समय से ईपीएफओ सदस्य: कम से कम 10 साल की सेवा वाले सदस्य, जिनकी पेंशन गणना पर 2014 की सीमा का असर पड़ा था।

ध्यान दें कि सामान्य निजी क्षेत्र के कर्मचारी, जो 2014 के बाद शामिल हुए या जिन्होंने उच्च विकल्प नहीं चुना, इस बदलाव से प्रभावित नहीं होंगे। न्यूनतम पेंशन में बढ़ोतरी की भी चर्चाएं हैं, लेकिन फिलहाल यह 1,000 रुपये ही है। बजट 2026 में इसे 5,000 या 10,000 रुपये तक बढ़ाने के प्रस्ताव हैं, लेकिन अभी पुष्टि नहीं हुई है।

लाभ प्राप्त करने के लिए क्या शर्तें हैं?

उच्च पेंशन का लाभ लेने के लिए आपके ईपीएफओ खाते में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां अपडेट होनी चाहिए:

  • यूएएन (यूनिवर्सल अकाउंट नंबर): सुनिश्चित करें कि आपका यूएएन सक्रिय है और आधार, बैंक खाता तथा मोबाइल नंबर से लिंक है।
  • सेवा इतिहास: कम से कम 10 साल की सेवा पूरी होनी चाहिए। अगर सेवा 10 साल से कम है, तो पेंशन के बजाय एकमुश्त राशि मिल सकती है।
  • विकल्प जमा: अगर आप योग्य हैं, तो ईपीएफओ पोर्टल पर जाकर पुराने विकल्प की पुष्टि करें।

अगर आपकी उम्र 58 साल है, तो पेंशन शुरू हो सकती है। 50 साल से पहले पेंशन लेने पर छूट मिलती है, जबकि देरी करने पर बोनस मिल सकता है।

इस बदलाव के दूरगामी प्रभाव क्या होंगे?

यह अपडेट न केवल व्यक्तिगत स्तर पर फायदेमंद है, बल्कि समग्र अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक असर डालेगा:

  • रिटायरमेंट सुरक्षा में वृद्धि: कर्मचारियों को बेहतर वित्तीय स्थिरता मिलेगी, जिससे सेवानिवृत्ति के बाद जीवन आसान होगा।
  • ईपीएफओ सदस्यता में बढ़ोतरी: अधिक लाभ से लोग ईपीएफओ योजनाओं में अधिक रुचि दिखाएंगे।
  • आर्थिक विकास: उच्च पेंशन से उपभोग बढ़ेगा, जो अर्थव्यवस्था को गति देगा।

हालांकि, सभी सदस्यों पर लागू न होने से कुछ असमानता भी उत्पन्न हो सकती है।

कैसे जांचें अपनी पेंशन की स्थिति?

अपनी पेंशन की अनुमानित राशि और स्थिति जानने के लिए निम्नलिखित तरीके अपनाएं:

  1. ईपीएफओ पोर्टल: unifiedportal-mem.epfindia.gov.in पर लॉगिन करें और पासबुक चेक करें।
  2. उमंग ऐप: मोबाइल ऐप से ईपीएफओ सेवाएं एक्सेस करें।
  3. हेल्पलाइन: 1800-11-8005 पर कॉल करके जानकारी लें।
  4. ऑफलाइन: नजदीकी ईपीएफओ कार्यालय में जाकर आवेदन करें।

पेंशन की गणना फॉर्मूला से होती है: (पेंशन योग्य सैलरी × पेंशन योग्य सेवा) / 70।

डिस्क्लेमर: यह लेख सूचना प्रदान करने के उद्देश्य से लिखा गया है। ईपीएफओ की नीतियां समय-समय पर बदल सकती हैं। किसी भी निर्णय से पहले आधिकारिक ईपीएफओ वेबसाइट (epfindia.gov.in) पर नवीनतम जानकारी की जांच करें। वित्तीय सलाह के लिए विशेषज्ञ से संपर्क करें।

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