Chandra Grahan on Holi ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रहण को एक महत्वपूर्ण घटना माना जाता है, जो व्यक्ति की मानसिक और शारीरिक स्थिति पर गहरा प्रभाव डाल सकती है। इस साल का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को पड़ने वाला है, जो आंशिक रूप से दिखाई देगा। भारतीय समय के अनुसार, यह दोपहर 3:20 बजे आरंभ होगा और शाम 6:47 बजे तक चलेगा। इस दौरान चंद्रमा सिंह राशि में विराजमान रहेगा, जहां केतु की मौजूदगी पहले से ही है। चंद्रमा और केतु का यह संयोग लोगों की सोच, फैसलों और सेहत पर नकारात्मक छाप छोड़ सकता है। चूंकि यह ग्रहण भारत में visible होगा, इसलिए सूतक काल के नियमों का पालन करना अनिवार्य है, और रोजमर्रा की जिंदगी में अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी।


ज्योतिष विशेषज्ञों की मानें तो कर्क राशि वाले लोगों को इस ग्रहण के दौरान विशेष रूप से सजग रहना चाहिए। उनके मन में अस्थिरता बढ़ सकती है, छोटी-मोटी बातों पर चिंता हावी हो सकती है, और निर्णय लेने में दुविधा का सामना करना पड़ सकता है। इस समय कोई बड़ा निवेश, नया व्यवसाय शुरू करना या वाहन खरीदने जैसे कदम उठाने से बचें। बेहतर होगा कि सकारात्मक विचारों को अपनाएं, ध्यान या योग का सहारा लें, ताकि मानसिक उथल-पुथल पर काबू पाया जा सके। अन्य राशियों पर भी इसका हल्का प्रभाव पड़ सकता है, लेकिन कर्क राशि पर यह सबसे ज्यादा संवेदनशील साबित हो सकता है।


इस ग्रहण के दौरान धार्मिक अनुष्ठान, दान-पुण्य और परिवार के साथ समय बिताना फायदेमंद रहेगा। मौसम और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां भी बरतें, क्योंकि ग्रहण का प्रभाव शारीरिक रूप से भी महसूस किया जा सकता है। ज्योतिषीय सलाह के लिए किसी अनुभवी पंडित से परामर्श लें और इस घटना को एक अवसर के रूप में देखें, जहां से आप अपनी जीवनशैली में सुधार ला सकते हैं।

