da hike calculator सरकारी नौकरी करने वाले कर्मचारियों और पेंशन लेने वालों के बीच इन दिनों 8वें वेतन आयोग की खबरें जोरों पर हैं। हर दस साल में आने वाले इस आयोग से बेसिक वेतन, विभिन्न भत्तों और पेंशन में महत्वपूर्ण बदलाव होते हैं। 7वें वेतन आयोग के बाद से बढ़ती महंगाई ने कर्मचारियों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं कि इस बार फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम वेतन में अच्छी वृद्धि होगी। अगर केंद्र सरकार 8वें वेतन आयोग को मंजूरी देती है, तो करोड़ों कर्मचारियों और पेंशनधारकों को सीधा लाभ पहुंचेगा। अनुमान है कि बेसिक सैलरी में अच्छा उछाल आएगा, जो कर्मचारियों की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाएगा। साथ ही, घर किराया भत्ता (HRA), यात्रा भत्ता (TA) और अन्य सुविधाओं में भी सुधार की संभावना है। यही वजह है कि हर कोई जानना चाहता है कि उनकी मासिक आय में कितनी बढ़ोतरी होगी और कुल फायदा क्या रहेगा।

फिटमेंट फैक्टर: सैलरी वृद्धि का मुख्य आधार
वेतन आयोग की सिफारिशों में फिटमेंट फैक्टर सबसे अहम भूमिका निभाता है। पिछले 7वें आयोग में यह 2.57 था, जिससे न्यूनतम बेसिक सैलरी 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गई। अब 8वें आयोग में फिटमेंट फैक्टर 3.0 से लेकर 3.68 तक होने की चर्चा है। अगर ऐसा हुआ, तो बेसिक वेतन में 40% से 60% तक की वृद्धि संभव है। मिसाल के तौर पर, अगर किसी की मौजूदा बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है, तो नया आयोग लागू होने पर यह 26,000 से 30,000 रुपये तक पहुंच सकती है। इसके अलावा, ग्रेड पे सिस्टम में भी संभावित बदलाव से फायदा होगा। फिटमेंट फैक्टर बढ़ने से न सिर्फ बेसिक पे, बल्कि सभी जुड़े भत्तों में भी स्वतः वृद्धि हो जाएगी, जिससे कुल कमाई में बड़ा फर्क पड़ेगा।
महंगाई भत्ता, HRA और पेंशन पर भी पड़ेगा प्रभाव
8वें वेतन आयोग का लाभ केवल सैलरी तक नहीं रुकेगा। महंगाई भत्ता (DA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) जैसे भत्तों में भी संशोधन की उम्मीद है। फिलहाल DA को महंगाई के आधार पर समय-समय पर अपडेट किया जाता है, लेकिन नए आयोग के साथ DA को बेसिक सैलरी में शामिल करने का विकल्प हो सकता है। उसके बाद DA की नई गणना शुरू होगी, जो कुल आय को बढ़ाएगी। शहरों की श्रेणी के मुताबिक HRA में बदलाव से बड़े शहरों या मेट्रो में रहने वाले कर्मचारियों को ज्यादा राहत मिलेगी। पेंशनधारकों के लिए भी अच्छी खबर है, क्योंकि उनकी पेंशन नई सैलरी स्ट्रक्चर के हिसाब से अपडेट होगी, जिससे रिटायरमेंट के बाद की जिंदगी आसान बनेगी और मासिक पेंशन में ठोस बढ़ोतरी आएगी।

8वें वेतन आयोग कब से लागू होने की संभावना?
वेतन आयोग आमतौर पर हर दस साल में आते हैं। 7वां आयोग 2016 में प्रभावी हुआ था, इसलिए 8वें आयोग को 2026 के करीब लागू किए जाने की अटकलें हैं। हालांकि, सरकार ने अभी तक कोई औपचारिक ऐलान नहीं किया है, लेकिन कर्मचारी यूनियनों की तरफ से लगातार दबाव बनाया जा रहा है। प्रक्रिया में पहले आयोग बनता है, फिर उसकी रिपोर्ट आती है और अंत में लागू किया जाता है – इसमें 1 से 2 साल लग सकते हैं। कर्मचारियों को उम्मीद है कि सिफारिशों के बाद बैकडेट से लाभ मिलेगा, जिससे एरियर के रूप में एक बड़ी रकम हाथ लग सकती है।

कर्मचारियों की सैलरी पर कुल असर क्या होगा?
8वें वेतन आयोग के लागू होने से केंद्रीय कर्मचारियों की आय में जबरदस्त बढ़ोतरी की संभावना है। न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर 26,000 से 30,000 रुपये तक जा सकता है। इससे एंट्री लेवल से लेकर सीनियर पदों तक सभी को फायदा पहुंचेगा। जिनकी बेसिक सैलरी ज्यादा है, उनकी बढ़ोतरी और भी प्रभावशाली होगी। DA, HRA और अन्य भत्तों को जोड़कर मासिक सैलरी में हजारों रुपये का इजाफा हो सकता है। पेंशनर्स के लिए भी यह वरदान साबित होगा, क्योंकि उनकी पेंशन में अच्छी वृद्धि से जीवनयापन आसान बनेगा। कुल मिलाकर, यह आयोग सरकारी कर्मचारियों की आर्थिक मजबूती के लिए एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।


