Free Computer Course : डिजिटल युग में कंप्यूटर स्किल्स के बिना आगे बढ़ना मुश्किल हो गया है। लाखों युवा शिक्षा पूरी करने के बाद भी तकनीकी ज्ञान की कमी से रोजगार नहीं पा पाते। इसी समस्या को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने एक नई पहल शुरू की है, जिसमें युवाओं को मुफ्त ऑनलाइन कंप्यूटर ट्रेनिंग के साथ आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी। यह योजना 2026 में युवाओं को सशक्त बनाने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
आज की दुनिया में हर क्षेत्र डिजिटल हो चुका है। चाहे वह सरकारी दफ्तर हों, स्वास्थ्य सेवाएं, बैंकिंग या प्राइवेट सेक्टर—सभी जगह कंप्यूटर दक्षता जरूरी है। बिना व्यावहारिक स्किल्स के युवा प्रतिस्पर्धा में पिछड़ जाते हैं। इस स्कीम का उद्देश्य है कि हर युवा तकनीकी रूप से तैयार होकर नौकरी या बिजनेस की दुनिया में कदम रख सके।
इस ट्रेनिंग प्रोग्राम की विशेषता है कि यह बेसिक कंप्यूटर ऑपरेशन से आगे बढ़कर बाजार की मांग के अनुसार डिजाइन किया गया है। इसमें डेटा हैंडलिंग, ऑनलाइन कम्युनिकेशन, डिजिटल मार्केटिंग, बेसिक प्रोग्रामिंग और आधुनिक सॉफ्टवेयर टूल्स शामिल हैं। इससे युवा बहुआयामी स्किल्स के साथ तैयार होंगे और स्वरोजगार के अवसर भी तलाश सकेंगे।

पात्रता मानदंड: कौन कर सकता है आवेदन?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ सरल शर्तें हैं, ताकि सहायता सही हाथों में पहुंचे। आवेदक को कम से कम 60% अंकों के साथ 12वीं पास होना चाहिए। उम्र 17 से 28 वर्ष के बीच होनी चाहिए, हालांकि आरक्षित श्रेणियों को कुछ छूट मिल सकती है। आवेदक बेरोजगार होना चाहिए और किसी अन्य सरकारी योजना का लाभार्थी नहीं होना चाहिए।

कोर्स विकल्प और आर्थिक मदद
युवाओं की सुविधा के अनुसार दो कोर्स उपलब्ध हैं। पहला 4 महीने का इंटेंसिव प्रोग्राम है, जिसमें हर महीने 15,000 रुपये की मदद मिलेगी, कुल 60,000 रुपये। यह उन लोगों के लिए आदर्श है जो जल्दी स्किल्स सीखकर जॉब मार्केट में एंटर करना चाहते हैं। इसमें बेसिक से मीडियम लेवल की ट्रेनिंग दी जाती है।

दूसरा विकल्प 6 महीने का एडवांस्ड कोर्स है, जिसमें मासिक 10,000 रुपये की सहायता मिलेगी, कुल राशि वही रहेगी। इसमें क्लाउड कंप्यूटिंग, वेब डेवलपमेंट और स्पेशलाइज्ड सॉफ्टवेयर शामिल हैं। यह उन युवाओं के लिए बेहतर है जो गहन ज्ञान चाहते हैं। दोनों कोर्स में पैसे डायरेक्ट बैंक अकाउंट में ट्रांसफर होंगे।

पाठ्यक्रम की मुख्य विशेषताएं
कोर्स कंटेंट को आधुनिक जरूरतों के हिसाब से तैयार किया गया है। इसमें कंप्यूटर की बेसिक्स, टाइपिंग, एमएस ऑफिस, सुरक्षित इंटरनेट यूज, ईमेल मैनेजमेंट से शुरू होकर डिजिटल मार्केटिंग, सोशल मीडिया हैंडलिंग, ई-कॉमर्स और बेसिक ग्राफिक डिजाइन तक सब कुछ शामिल है। यह सुनिश्चित करता है कि ट्रेनिंग के बाद युवा किसी भी डिजिटल जॉब के लिए तैयार हों।

आवेदन कैसे करें?
आवेदन प्रक्रिया आसान और पूरी तरह ऑनलाइन है। राज्य के स्किल डेवलपमेंट डिपार्टमेंट या एम्प्लॉयमेंट पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन करें। जरूरी डॉक्यूमेंट्स जैसे आधार कार्ड, 10वीं-12वीं मार्कशीट, एड्रेस प्रूफ, बैंक डिटेल्स और फोटो अपलोड करें। यदि आरक्षित कैटेगरी से हैं, तो कास्ट सर्टिफिकेट भी लगाएं।

चयन प्रक्रिया और पारदर्शिता
सेलेक्शन मेरिट बेस्ड है, मुख्य रूप से 12वीं के मार्क्स पर। शॉर्टलिस्टेड कैंडिडेट्स के डॉक्यूमेंट्स वेरिफाई होंगे और कुछ मामलों में इंटरव्यू भी हो सकता है। फाइनल लिस्ट वेबसाइट पर पब्लिश होगी और सिलेक्टेड को ईमेल/एसएमएस से सूचना मिलेगी। आरक्षित सीटें भी उपलब्ध हैं।
ट्रेनिंग के बाद रोजगार के अवसर
कोर्स पूरा होने पर जॉब प्लेसमेंट में मदद मिलेगी। सरकार ने आईटी, बैंकिंग, इंश्योरेंस, बीपीओ और ई-कॉमर्स कंपनियों से टाई-अप किया है। कई सेंटर्स में ऑन-कैंपस रिक्रूटमेंट होती है। इससे जॉब मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

स्वरोजगार के लिए भी यह उपयोगी है। फ्रीलांसिंग, डिजिटल सर्विसेज, वेब डिजाइन या ऑनलाइन टीचिंग जैसे ऑप्शन्स खुले रहते हैं। इंटरनेट की वजह से घर से बिजनेस शुरू करना आसान हो जाता है।

निष्कर्ष: युवाओं के लिए एक सुनहरा मौका
यह स्कीम सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि युवाओं को डिजिटल रूप से मजबूत बनाने की कोशिश है। इससे न सिर्फ व्यक्तिगत विकास होगा, बल्कि पूरे परिवार और समाज का फायदा होगा। डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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